Good Morning || Agar Niyat Achi Ho Toh Nasib Kabhi Bura Nahi Hota
Good Morning
"अगर नियत अच्छी हो
तो नसीब कभी बुरा नहीं होता"
रात बीती फिर खूबसूरत सुबह आई
दिल धड़का फिर तस्वीर तुम्हारी आई
लबों ने एहसास किया उस खुसबू को
जो छू कर तुम्हें मेरे पास आई।
हम वो नहीं जो गैरों को याद करते हैं
हम वो हैं जो आपसे प्यार करते हैं.
हम आपके दिल में आए न आएं हम आपके
लिए अपने दिल से फरियाद करते हैं।
हंसी के फूल उन्हीं के मनों में खिलते हैं
जो अपनों से दिल से मिलते हैं।
मैं सूरज देखती हूं मैं चांद देखती हूं
मैं इश्क देखती हूं, मोहब्बत देखती हूं।
फिर चेहरे का दिदार होता है तुम्हारे,
फिर पूछते हो भला ऐसा कैसे दिखते हो तुम।
सुबह को सताएंगे हम तुम्हें
सोये हुए हो तो जगाएंगे हम तुम्हें
जब याद आती है आपकी तो
आपको भी अपनी याद दिलाना अच्छा लगता है।
सूरज निकलते ही दुनिया गुलजार होती है
नयन खुलते ही इस दिल में तुम्हारी बात होती है
रब करे भर जाए तुम्हारा आंचल खुशी से
हमारे दिल में बस यही फ़रियाद होती है।
प्रतिदिन नई भौर का नया नजारा
शीतल हवा का झोका लेकर आया है खत हमारा
आंखे खोलों उठ जाओ अब
ख़ुशियों से सराबोर रहे आज का दिन तुम्हारा।
बनकर महक हम तेरे दिल में रहेंगे
बनकर यादें तेरे जिस्म में बहेंगे.
चाहे जितने भी दूरी हम में क्यों ना हो
हर नई सुबह पहले गुड मॉर्निंग हम कहेंगे।
सुबह का नमस्कार
सिर्फ एक परम्परा नहीं है
ये खास आपकी फिक्र का एहसास है
प्यारे रिश्ते आबाद
रहें और यादें गुलजार रहें।
सुबह-सुबह लबों पर मुस्कान रहे
दुखों से आप मरहूम रहें
महक उठे जिंदगी आपकी
ऐसा खुशमिजाज दिन आपका आज रहे।

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