Gham Shayari In Hindi || गम शायरी हिंदी
Gham Shayari In Hindi || गम शायरी हिंदी "Uss Shakhs Ka Gham Bhi Koyi Soche Jise Rota Hua Na Dekha Ho Kisi Ne" नफ़रत करना तो हमने कभी सीखा ही नहीं मैंने तो दर्द को भी चाहा है अपना समझ कर कौन कहता है नफ़रतों में दर्द है मोहसिन कुछ मोहब्बतें भी बड़ी दर्द नाक होती है ज़हर देता है कोई, कोई दवा देता है जो भी मिलता है मेरा दर्द बढ़ा देता है शीशा तो टूट कर, अपनी कशिश बता देता है दर्द तो उस पत्थर का हैं, जो टुटने के काबिल भी नही लो जी हो गया हिचकियों का सिलसिला फिर शुरू लगता है आज रात भी सनम आप हमें सोने नहीं दोगे एक लम्हा याद करने की किम्मत हो अगर एक पैसा तो सुनो तुम अरबों के कर्जदार हो मेरे सिर्फ अश्क ही गवाही दे सकते है मेरी की दिल कितनी शिद्दत से याद करता है तुझे जरा ढीली कर अपनी यादों की गिरफ्त कहीं ऐसा ना हो की घुट घुट कर मर जाऊं मैं हर रात को तुम इतना याद आते हो की हम भूल गए है ये रातें ख्वाबों के लिए होती है या तुम्हारी यादों के लिए कौन कहता है नफ़रतों में दर्द है मोहसिन कुछ मोहब्बतें भी बड़ी दर्द नाक होती है "उस शख्स का ग़म भी कोई सोचे जिसे रोता हुआ ना देखा हो क...